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Tuesday, December 7, 2021
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दो दिन राहत के बाद फिर प्रदूषण की आफत


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गुरुग्राम। बारिश के चलते महज दो दिन की राहत के बाद फिर से प्रदूषण रफ्तार पकड़ चुका है। बुधवार को शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब श्रेणी में 235 दर्ज किया गया। जिस तेजी से तापमान में गिरावट दर्ज हो रही है, उससे आशंका है कि आगामी दिनों में स्थिति और खराब होगी।
बाजारों में दिवाली से पहले पटाखों का चोरी-छिपे भंडारण व बिक्री हो रही है। इससे भी प्रदूषण बढ़ रहा है। दिवाली के बाद इन्हीं पटाखों के चलते शहर में प्रदूषण के हालात गंभीर बनते हैं। पिछले रविवार दोपहर में बारिश हुई थी। इसके बाद प्रदूषण में कमी आई। एक दिन पहले के मुकाबले एक्यूआई 296 अंकों तक नीचे आ गया। हवा 36 एक्यूआई के साथ साफ दर्ज हुई।
प्रशासन व नगर निगम की तरफ से कोई कवायद न होनेे के चलते एक्यूआई दो दिन बाद ही फिर से 200 के पार पहुंच गया। बुधवार को सेक्टर-51 व टेरी ग्राम दोनों ही जगहों पर दिन में एक्यूआई 200 के पार रहा। शाम होते-होते वन्य क्षेत्र ग्वाल पहाड़ी का एक्यूआई भी 203 पर पहुंच गया। उसमें भी पीएम2.5 की मात्रा काफी ज्यादा रही। वातावरण में प्रदूषण बढ़ने के साथ ही अस्पतालों की ओपीडी में सांस व दमा संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। आगामी दिनों में स्थिति और खराब होने पर मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा।
ईपीसीए की तरफ से लागू ग्रैप के तहत डीजल जनरेटर पर रोक, धूल भरी सड़कों पर पानी का नियमित रूप से छिड़काव, होटल व ढाबों समेत अन्य जगहों पर कोयले के उपयोग पर रोक, उद्योगों में डीजल के उपयोग पर प्रतिबंध, खुले में निर्माण सामग्री रखने पर प्रतिबंध, निर्माण सामग्री को ढककर ले जाने की अनिवार्यता और नियमित रूप से प्रदूषण की मॉनिटरिंग जरूरी है। इनमें से किसी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

गुरुग्राम। बारिश के चलते महज दो दिन की राहत के बाद फिर से प्रदूषण रफ्तार पकड़ चुका है। बुधवार को शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब श्रेणी में 235 दर्ज किया गया। जिस तेजी से तापमान में गिरावट दर्ज हो रही है, उससे आशंका है कि आगामी दिनों में स्थिति और खराब होगी।

बाजारों में दिवाली से पहले पटाखों का चोरी-छिपे भंडारण व बिक्री हो रही है। इससे भी प्रदूषण बढ़ रहा है। दिवाली के बाद इन्हीं पटाखों के चलते शहर में प्रदूषण के हालात गंभीर बनते हैं। पिछले रविवार दोपहर में बारिश हुई थी। इसके बाद प्रदूषण में कमी आई। एक दिन पहले के मुकाबले एक्यूआई 296 अंकों तक नीचे आ गया। हवा 36 एक्यूआई के साथ साफ दर्ज हुई।

प्रशासन व नगर निगम की तरफ से कोई कवायद न होनेे के चलते एक्यूआई दो दिन बाद ही फिर से 200 के पार पहुंच गया। बुधवार को सेक्टर-51 व टेरी ग्राम दोनों ही जगहों पर दिन में एक्यूआई 200 के पार रहा। शाम होते-होते वन्य क्षेत्र ग्वाल पहाड़ी का एक्यूआई भी 203 पर पहुंच गया। उसमें भी पीएम2.5 की मात्रा काफी ज्यादा रही। वातावरण में प्रदूषण बढ़ने के साथ ही अस्पतालों की ओपीडी में सांस व दमा संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। आगामी दिनों में स्थिति और खराब होने पर मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा।

ईपीसीए की तरफ से लागू ग्रैप के तहत डीजल जनरेटर पर रोक, धूल भरी सड़कों पर पानी का नियमित रूप से छिड़काव, होटल व ढाबों समेत अन्य जगहों पर कोयले के उपयोग पर रोक, उद्योगों में डीजल के उपयोग पर प्रतिबंध, खुले में निर्माण सामग्री रखने पर प्रतिबंध, निर्माण सामग्री को ढककर ले जाने की अनिवार्यता और नियमित रूप से प्रदूषण की मॉनिटरिंग जरूरी है। इनमें से किसी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।



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