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Saturday, September 25, 2021
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गुजरात: भूपेंद्र पटेल की ताजपोशी के बाद बोले नितिन पटेल, जनता के दिलों में रहता हूं, कोई मुझे नहीं निकाल सकता


सार

माना जा रहा था कि भूपेंद्र पटेल को अगला मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद वह नाखुश थे क्योंकि रुपानी के इस्तीफे के बाद सबसे पहला नाम लोगों के सामने आ रहा था वो नितिन पटेल का ही था। पटेल मेहसाणा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।

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गुजरात में अटकलों का दौर खत्म हो चुका है अब यहां भूपेंद्र पटेल नए मुख्यमंत्री होंगे। माना जा रहा था कि इस बार डिप्टी सीएम नितिन पटेल को प्रदेश की कमान मिल सकती है लेकिन इस बार भी उनको निराशा हाथ लगी। इस बारे में नितिन पटेल ने कहा कि मैं लोगों के दिलों में रहता हूं, मुझे कोई बाहर नहीं कर सकता।

पटेल मेहसाणा शहर में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे इस दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह अकेले नहीं हैं, जिनकी बस छूट गई। उनके जैसे कई और भी हैं।

नितिन पटेल ने कहा कि और भी लोग थे जिनकी बस छूट गई, मैं अकेला नहीं था, इसलिए विकास को इस तरह से न देखें। उन्होंने कहा कि पार्टी निर्णय लेती है, लोग गलत अनुमान लगाते हैं। मैंने (विधायकों की बैठक के बाद) यादवजी से कहा कि मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होना है। यदि यह महत्वपूर्ण न होता तो मैं उद्घाटन करने न आता। लेकिन चूंकि यह बहुत महत्वपूर्ण था, इसलिये यादव जी ने भी अनुमति दे दी।’ अगर यह इतना महत्व का नहीं होता तो मैं खुद इसे पास देता। लेकिन चूंकि यह बहुत महत्वपूर्ण था, यहां तककि यादव जी ने भी अपनी सहमति दी थी।

पटेल मेहसाणा में एक सड़क और सिविल अस्पताल में स्थापित एक ऑक्सीजन संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। साथ ही कहा कि जब मैं यहां आ रहा था तो टीवी पर काफी चीजें चल रही थी, लेकिन आपको बता दूं जब तक मैं अपने लोगों, मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के दिलों में हूं, कोई मुझे बाहर नहीं निकाल सकता। 

भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली अगली सरकार में पटेल उपमुख्यमंत्री बने रहेंगे या नहीं, इस पर अभी भी संशय बना हुआ है। ये दोनों नेता गुजरात के शक्तिशाली और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली पाटीदार समुदाय से हैं।

दे चुके हैं विवादित बयान
गांधीनगर के भारत माता मंदिर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बयान दिया था कहा कि देश में संविधान, धर्मनिरपेक्षता और कानून की बात तबतक चलेगी जबतक हिंदू बहुसंख्यक हैं, हिंदू के बहुमत में रहने से कानून कायम रहेगा नहीं तो समुदाय के अल्पसंख्यक हो जाने के बाद कुछ भी नहीं बचेगा। नितिन पटेल यहीं तक नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा था कि मेरे शब्द लिख लीजिए, अगर हिन्दुओं की संख्या कम हुई तो उस दिन ना कोई कोर्ट होगा, ना कचहरी होगी, ना कोई कानून, कोई लोकशाही नहीं, कोई संविधान नहीं रहेगा। सब दफना दिया जाएगा।

विस्तार

गुजरात में अटकलों का दौर खत्म हो चुका है अब यहां भूपेंद्र पटेल नए मुख्यमंत्री होंगे। माना जा रहा था कि इस बार डिप्टी सीएम नितिन पटेल को प्रदेश की कमान मिल सकती है लेकिन इस बार भी उनको निराशा हाथ लगी। इस बारे में नितिन पटेल ने कहा कि मैं लोगों के दिलों में रहता हूं, मुझे कोई बाहर नहीं कर सकता।

पटेल मेहसाणा शहर में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे इस दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह अकेले नहीं हैं, जिनकी बस छूट गई। उनके जैसे कई और भी हैं।

नितिन पटेल ने कहा कि और भी लोग थे जिनकी बस छूट गई, मैं अकेला नहीं था, इसलिए विकास को इस तरह से न देखें। उन्होंने कहा कि पार्टी निर्णय लेती है, लोग गलत अनुमान लगाते हैं। मैंने (विधायकों की बैठक के बाद) यादवजी से कहा कि मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होना है। यदि यह महत्वपूर्ण न होता तो मैं उद्घाटन करने न आता। लेकिन चूंकि यह बहुत महत्वपूर्ण था, इसलिये यादव जी ने भी अनुमति दे दी।’ अगर यह इतना महत्व का नहीं होता तो मैं खुद इसे पास देता। लेकिन चूंकि यह बहुत महत्वपूर्ण था, यहां तककि यादव जी ने भी अपनी सहमति दी थी।

पटेल मेहसाणा में एक सड़क और सिविल अस्पताल में स्थापित एक ऑक्सीजन संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। साथ ही कहा कि जब मैं यहां आ रहा था तो टीवी पर काफी चीजें चल रही थी, लेकिन आपको बता दूं जब तक मैं अपने लोगों, मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के दिलों में हूं, कोई मुझे बाहर नहीं निकाल सकता। 

भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली अगली सरकार में पटेल उपमुख्यमंत्री बने रहेंगे या नहीं, इस पर अभी भी संशय बना हुआ है। ये दोनों नेता गुजरात के शक्तिशाली और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली पाटीदार समुदाय से हैं।

दे चुके हैं विवादित बयान

गांधीनगर के भारत माता मंदिर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बयान दिया था कहा कि देश में संविधान, धर्मनिरपेक्षता और कानून की बात तबतक चलेगी जबतक हिंदू बहुसंख्यक हैं, हिंदू के बहुमत में रहने से कानून कायम रहेगा नहीं तो समुदाय के अल्पसंख्यक हो जाने के बाद कुछ भी नहीं बचेगा। नितिन पटेल यहीं तक नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा था कि मेरे शब्द लिख लीजिए, अगर हिन्दुओं की संख्या कम हुई तो उस दिन ना कोई कोर्ट होगा, ना कचहरी होगी, ना कोई कानून, कोई लोकशाही नहीं, कोई संविधान नहीं रहेगा। सब दफना दिया जाएगा।



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